हस्तिनापुर (बड़ा मंदिर) Hastinapur (Bada Mandir)

NAME

कल्याणक क्षेत्र श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर, हस्तिनापुर

ADDRESS

तह. मवाना, जि, मेरठ-250 404

CONTACT NUMBER

0 1 233-280 236, मंदिर-280 1 33, 0941 2708203, प्रबंधक : श्री मुकेश कुमार जैन (01 233-280716), मो. 0941 2551909,

स. सूत्र : श्री जय प्रकाश जैन एडवोकेट, मेरठ (01 21-2642306), 09410605655

FACILITIES

नये एवं पुराने परिसर दोनों पास-पास एवं कैलाश पर्वत के सामने है। 300 कमरे सर्वसुविधायुक्त है।एसी एवं कूलर वाले रूम भी है। हॉल 3 है एवं एक गेस्ट हाउस है। भोजनशाला नियमित निशुल्क है।

GUIDANCE

दिल्ली से गाजियाबाद रोड से मेरठ-मवाना होते हुये, मेरठ-बिजनौर मुख्य सड़क पर गणेशपुरा ग्राम से 3 किमी. क्षेत्र स्थित है। मेरठ दिल्ली एवं मुजफ्फरनगर से बसें क्षेत्र के सामने रूकती है एवं जम्बुदीप-हस्तिनापुर पर समाप्त होती है। बड़ा मंदिर के सामने ही श्वेताम्बर मंदिर है। बड़े मंदिर से 100 मीटर पर जम्बुद्वीप क्षेत्र है।
अन्य कई संस्थाओं के मंदिर एवं धर्मशाला 4 कि.मी. क्षेत्र में है।

NEAR BY CITIES

दिल्ली-11 0, मेरठ-38, बहलना-55, बड़ा गांव-90, महलका-32 एवं बहसूमा-1 2 किमी है।

KSHETRA DETAILS

हस्तिनापुर मध्यभारत काल से ऐतिहासिक स्थल रहा है। कौरव-पांडवों की राजधानी रही है। इसके पूर्व हस्तिनापुर में भगवान आदिनाथ का प्रथम विहार एवं एक वर्ष के उपवास उपरांत प्रथम आहार राजा श्रेयांस के द्वारा, इक्षुरस से हुआ था | उस दिन को अक्षय तृतीया पर्व के रूप में मनाया जाता है। मुनि विष्णु कुमार द्वारा अकम्पनाचार्य एवं 700 मुनियों के उपसर्ग का निवारण हुआ, उस दिन से रक्षा बंधन पर्व शुरु हुआ है। भगवान आदिनाथ का समवशरण कई बार आया। भगवान शांतिनाथ, कुंथनाथ, अरहनाथ के चारों कल्याणक यहीं हुये थे।
– दिल्ली के मुगलकालीन राजा के खजांची हरसुखराय ने विशेष प्रयास कर विशाल एवं भव्य मंदिरका निर्माण किया जिसका मुख्यद्वार भी विशाल एवं आकर्षक है।इसी मंदिर में तीनों भगवान के चरण चिन्ह सहित 3 नसियां है। यहां बाहुबली सहित, महावीर एवं चंदाप्रभु जिनालय एवं कैलाश पर्वत की अद्भुत रचना की गई है। इसके क्षेत्र के पिछवाड़े में 24 तीर्थकरो की टोंक, जल मंदिर एवं पांडुक शिला का निर्माण हो चुका है।
– इस मंदिर से उत्तर में 4 किमी. पर प्राचीन नसियाँ में चरण चिन्ह है तथा पास में ही नवीन शांतिनाथ भगवान का विशाल मंदिर बन गया है।

OTHER DETAILS 

कैलाश पर्वत : जमीन से 131 फुट ऊंचे पर्वत पर, 11 फुट की आदिनाथ भगवान की पदमासन प्रतिमा, 57 फुट ऊँचे शिखर वाले कैलाश पर्वत पर विराजमान हो चुकी है।
– बड़े मंदिर क्षेत्र में 13 मंदिर तथा कैलाश पर्वत पर 74 मंदिर है। परिसर के बगल में जैन गुरुकुल एवं छात्रावास संचालित हैं।
– कैलाश पर्वत के सामने आधुनिक धर्मशाला बन गई है।