केरल

  • देवबाग : (कर्नाटक) गोवा से 18 किमी पर (करवाड़ जिलों) दक्षिण में देवबाग खूबसूरत टापू रिसोर्ट है। मुख्य देवबाग टापू के अलावा 3 अन्य टापूओं का आनंद मोटर बोट से लिया जा सकता है। सम्पर्क : कर्नाटक टूरिज्म – करवार बीच के सामने फोन – 08382-221172
    आवास :देवबाग बीच रिसोर्ट है- 08382-221603=====================================

    गोकर्ण : करवाड़ से कुमटा के बीच कारवाड़ से 56 किमी., प्रसिद्ध प्राचीन हिन्दु तीर्थ है।’दक्षिण-काशी’ के नाम से प्रसिद्ध महाबलेश्वर के मदिर में लोगों की बड़ी आस्था है। मंदिर से थोड़ी दूर सुंदर समुद्री किनारा है।
    यहाँ हिन्दु मंदिर के पास पार्श्वनाथ मंदिर है। जिसका हाल ही में जीर्णोद्धार हुआ है।
    होनावर : कुमटा से दक्षिण दिशा में 17 किमी. पर होनावर है। इते 17 से पूर्व दिशा- शिमोगा रोड पर भारत का प्रसिद्ध झरना काल (गेरिसप्पा) है। इसके नजदीक उत्तर दिशा में जैन (दिगम्बर) मठ के दर्शन किये जा सकते है। होनावर में सिद्धार्थ होटल रोड के किनारे है
    विशेष :जिन्हें केरल की यात्रा नहीं करनी हो और कर्नाटक की यात्रा करनी हो वे जोगफाल से हुमचा पद्मावती की यात्रा करते हुये कर्नाटक की शेष जैन यात्रा कर सकते हैं।

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    मुरदेश्वर : (कर्नाटक) भटकल तालुक में स्थित भटकल से 16 किमी. पहले हाइवे 17 पर प्रसिद्ध शिवमंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है। जिसके नीचे सुंदर सी- बीच है। बोटिंग सुविधा है। भारत में शिव की सबसे
    पाश्र्वनाथ मंदिर है। आवास : मुरदेश्वर गेस्ट हाउस- 0838-568860
    RNS यात्री निवास-जहां शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध है। | भटकल : म्रदेश्वर से 16 किमी. (करवाड़ से 126 किमी.) भटकल है। शहर के मध्य 2 दिगम्बर जैन मंदिर – एक पाश्र्वनाथ भगवान अन्य चंद्रनाथ भगवान का बसदि है।मेन रोड पर जैन होटल है। ।

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    हाडूवल्ली : यहां से पूर्व दिशा में 21 किमी. पर हादुवल्ली कस्बे में पद्मावती बसदि में पत्थर पर चौबीसी बनी है। इसी केम्पस में चद्रनाथ प्रभू । प्रतिमा के अलावा पदमावती सरस्वती तथा पीतल की घोड़े पर सवार ब्रह्मदेव की प्रतिमायें हैं।

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    उडूप :मेंगलोर से 58 किमी, उत्तर में तथा भटकल से 70 किमी. ” भारत का प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर समद्र किनारे दर्शनीय है।यहा समुद्र एवं सनसेट दर्शनीय है।यहां से कारकल के रास्ते में मनीपाल सटी है। उडपि का डोसा प्रसिद्ध है।
    हटिगंडी: उडिपी से लगभग 30, कुंडपुर से 1 0, हटिगंडी में जैन मंदिर चंद्रप्रभु को समर्पित है।

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    वायनाड जिला : वायनाड जिले के जैन मंदिरों को कोझीकोड या कलपेट्टा को केन्द्र बना कर यात्रा की जा सकती है।
    कलपट्टा : वायनाड जिले का प्रमुख एवं जैन यात्रा के लिए मुख्य मध्यवर्ती शहर (NH-12) है। यहाँ रूक कर आसपास के जैन मंदिरों एवं पर्यटक स्थलों की यात्रा की जा सकती है।

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    वेनियोड (Veniyod) : शांतिनाथ का मंदिर पुडियारमाला से 1 3 किमी तथा कलपेट्टा से 20 किमी. है। सुल्तान बतेरी 35 किमी. है। सन् 1964 में भव्य जिनालय में कृष्ण बिहारी गौड़ परिवार द्वारा काफी जीर्णोद्धार कराया गया है। मान स्तंभ, गर्भगृह के बाहर ज्वाला मालिनी एवं पद्मावती की विशाल प्रतिमा है।

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    वारडूर : अनंतनाथ स्वामी का मंदिर कलपेट्टा से 15 किमी सुल्तान बेथरी रोड पर स्थित है। बाह्य मंडल में अष्टधातु के देवी देवता के अतिरिक्त विशाल दीप स्तंभ के साथ चक्रेश्वरी की प्रतिमा भी है।

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    पुतथानंगडी : चंद्रनाथ बसदि – पुडियारम्पला से मानंदबाड़ी रोड पर पनामरम कस्बे से सुल्तान बैथरी रोड पर 10 किमी.पर चाय बागानों के वाच रोड से 100 मीटर स्थित है। मंदिर के सामने मान स्तंभ एक सन 2008 में स्थापित बाहबली की प्रतिमा है।

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    पालकुन्नु : पार्श्वनाथ का यह मंदिर पनामरम कस्बे के बायें और
    कुछ दूर पुडियारमाला से 18 किमी. है। मानंदवाडी मेन रोड के C९| मानदवाडी 14 किमी है। प्राचीन मंदिर लकड़ी से निर्मित है। पाश्र्वनाथ के अतिरिक्त भगवान आदिनाथ एवं नवदेवता की भूत एव पदमावती, कुष्मांडिनी ध्रतस्कंध तथा खुले में ब्रह्मदेव है।

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    अंजकुन्न : ग्राम में पाश्र्वनाथ मंदिर मानंदवाडी रोड पर कलो 22 किमी. है तथा सुल्तान बेथरी 45 किमी. है। हुमचा भट्टारक जी ने मंति का जीर्णोद्धार कराया है। देवियों की मूर्ति के अलावा पुष्पदत, पाश्र्वनाथ ए महावीर सवामी की प्रतिमायें हैं।

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    पुथीयाडम : पनामरम कस्बे से मानंदबाड़ी रोड पर कुछ दूर पर कोयलरी ग्राम के पास आदिनाथ स्वामी के मंदिर में अनेक प्रतिमाओं के साथ देवियों की प्रतिमायें भी है। जीर्णोद्धार हो गया है। संत निवास है तथा आवास सुविधा है।

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    सुल्तान बथेरी: मैसूर से मानंदवाड़ी-कलपेट्टा रोड पर हाइवे पर स्थित यह कस्बा ऐतिहासिक क्षेत्र है। प्राचीन नाम इन्नेरूडू बेदी था। यहाँ के मंदिर टीपू सुल्तान के द्वारा नष्ट किये जाने से अन्य जगह स्थानांतरित हो गये। यहां के इस मंदिर में प्रतिमायें हटाकर बारुदखाना बना दिया।
    कलपेट्टा से मैसूर रोड (हाइवे) पर 25 किमी. है। सुल्तान बथेरी से 20 किमी. पर अम्बल वायड रोड पर एडक्कल गुफा देवालय दर्शनीय है। यहां गुफा रेस्टोरेंट हैं।

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    रत्नत्रय मंदिर : कांच मंदिर : कलपेट्टा से चुडेल (हाइवे पर) तथा यहां से उटी रोड पर चुडेल से लगभग 4 किमी. पर ट्रांसफार्मर के पास क्वट्मंड में , प्राइवेट क्षेत्र में भगवान पार्श्वनाथ का सुंदर कांच मंदिर है। रोड से चाय बागान के अंदर 4 किमी. है। मंदिर 200 वर्ष प्राचीन है। कांच के रिफ्लेक्शन से प्रतिमा के अष्टकोण से अनंत दर्शन होते हैं। प्राइवेट क्षेत्र में होने से, पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है। सम्पर्क सूत्र : श्री प्रवीनचंद जैन 049362-023 1 3

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    चंद्रनाथ बसदि : (पनमरम नदी के पास) अनंतनाथ स्वामी मंदिर रोड से मानंदवाड़ी रोड पर नदी के ब्रिज के पहले दाई ओर पर पुतन गड़ी में 10 किमी. पेरूर रोड पर चाय बागान के अंदर (लगभग 100 मीटर) प्राचीन मंदिर स्थित है। पूजा-अर्चना होती है। मूल मंदिर के बाहर बाहुबली स्वामी की प्रतिष्ठा (स्थापना) 2008 में सम्पन्न हुई है।

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    कोझीकोड जिला :
    कोझीकोड : केरल का प्रमुख व्यापारिक एवं पर्यटन स्थल है। स्टेशन एवं बस स्टेण्ड से 1 किमी. रेल्वे लाइन पार हिन्दुस्तान लीवर नागजी कोडा कम्पनी के पास महाजन वाड़ी में श्वेताम्बर जैन मंदिर स्थित है। पूर्व में यह दिगम्बर जैन मंदिर था । आज दिगम्बर जैन प्रतिमायें, मंदिर के प्रथम तल पर मौजूद हैं। महाजन वाड़ी में आवास व्यवस्था उपलब्ध है और भोजन अनुरोध पर उपलब्ध है। फोन : 0495-2704293 | आवास : होटल मलाबार पैलेस (केरल सरकार), हायसन हेरिटेज स्थान- जेल रोड अच्छे होटल हैं। अल्कापुरी होटल में शाकाहारी भोजन उपलब्ध है। अन्य शाकाहारी भोजनालयों में दक्षिण, मार्बल, रूचि प्रमुख है। | मुम्बई-त्रिवेन्द्रम रूट पर मुख्य स्टेशन है। मेंगलोर- 224, मैसूर 21 0, मेडिकेरी- 206 (कर्नाटक में बोर्डर पर हिल स्टेशन), कोचीन223, बैंगलोर- 350, सुल्तान बेथरी- 97, एयरपोर्ट-करीपुर- 23, कपाड बीच-17, कोडुआ रिसोर्ट- 16 है।
    पर्यटक स्थल: पुकेट लेक (60) वाइथिरी (65) तुषारगिरी (65+1 0) प्रमुख है।बायपोर – बोट उद्योग केन्द्र समुद्र किनारे 12Km.
    स्थानीय पर्यटक स्थल : मननचीरा सर्किल, साईंस पार्क, थाली मंदिर, बीच आदि दर्शनीय है।केले के चिप्स मशहूर है।

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    मडिकेरी हिल स्टेशन : मानंदवाड़ी से 1 0 6 किमी. पर कर्नाटक में सुंदर हिल स्टेशन है। यहाँ चाय बागानों के बीच कई पर्यटक स्थल हैं। रूट. कोझीकोड -कलपट्टा – मानंदवाड़ी – कार्टिकुलम (बार्डर) मडिकेरी। कोझीकोड से कालपेट्टा के रास्ते में लक्कडी, पुकेट लेक, वाइथिरी पर्यटक स्थल है तथा कलपट्टा के आसपास दिगम्बर मंदिरों के दर्शन किये जा सकते हैं। मेडिकेरी से मैसूर-1 28, मेंगलोर-143, धर्मस्थल- 1 40, सुब्रामन्य-85, बैंगलोर-265 किमी. है।

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    कोचीन : केरल का मध्यवर्ती शहर- प्रमुख व्यापारिक एवं पर्यटक स्थल है। यहां से मुन्नार, थेकड़ी (पेरियार), अल्पुज्जा, कुमारकोम, त्रिवेन्द्रम एवं लक्ष्यद्वीप जाना अधिक सुविधाजनक है| मटन चेरी क्षेत्र में मास रोड पर श्वेताम्बर जैन मंदिर है। आवास व्यवस्था है। भोजन अनुरोध पर उपलब्ध हो जाता है।
    दिगम्बर जैन मंदिर हाल में निर्मित हुआ है।पता है – जी-256, पनम पिल्ले नगर, कोचीन-36, सम्पर्क : श्री महेन्द्र कुमार काला, मो. : 098470 – 45420