अहिछत्र-पार्श्वनाथ Ahichhatra parshwanath

NAME

श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र

ADDRESS

अहिच्छत्र, पार्श्वनाथ पो. रामनगर, तह. आंवला, जि. बरेली-2433 03

CONTACT NUMBER

058 24-2364 1 0 , प्रबंधक : श्री ओम प्रकाश – 0956800 4800,

स. सूत्र : श्री सत्येन्द्र कुमार जैन, बरेली 098975 1 1 29 1 , श्री अखिलेश जैन, रामपुर मो. 09837024885

FACILITIES

सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला है, 300 कमरे एवं 6 हॉल है। 6 गेस्ट हाउस बने हुये है। भोजनशाला नियमित है। 27 ए.सी. कमरों का निर्माण जारी है।

GUIDANCE

नजदीक स्टेशन रेवती बहेड़ाखेड़ा, आंवला तथा बरेली है। बरेली से भमोरा होकर रामनगर-55, बदायूं-आंवला होकर रामनगर 40 किमी. है। दिल्ली/मेरठ से गुजराला–कुन्देकी-बिलेरी-शाहबाद –
आंवला होते हुये रामनगर लगभग 200 किमी. है। मंगलायतन से बदायू होकर 1 48 किमी. है।

NEAR BY CITIES

नैनीताल-200, बरेली-50 बदायू-40, दिल्ली-191 , कम्पिलाजी-178, शौरीपुर बटेश्वर-160, रामपुर-165, मुरादाबाद-75 ।

KSHETRA DETAILS

तीर्थ क्षेत्र अधिक चहल पहल से दूर शांत धार्मिक चेतना का केन्द्र है। रामनगर महाभारत काल का ऐतिहासिक नगर है। लगभग 2800 वर्ष पूर्व भगवान पाश्र्वनाथ ने केवलज्ञान प्राप्त किया था। यहां कमठ ने उपसर्ग किये थे और धरणेन्द्र–पद्मावती ने फण प्रगट उपसर्ग निवारण किया था। क्षेत्र पर 2 मंदिर है।एक मुख्य मंदिर में तिरवाल वाले बाबा की वेदी के अलावा 7 वेदियाँ है। मुख्य मंदिर के बाहर प्रांगण में भव्य तीस चौबीसी स्थापित है। कुल 720 प्रतिमायें हैं। 1 3.5 फुट की भगवान पाश्र्वनाथ की आकर्षक मूर्ति है। प्रांगण में ही विशाल सफेद पाषाण का मान-स्तम्भ बना हुआ है। पास में अन्य मंदिर में पाश्र्वनाथ प्रतिमा के अलावा मां पद्मावती की 24 हाथ वाली विशाल मूर्ति विराजमान है। गांव में एक प्राचीन मंदिर है। मूलनायक पाश्र्वनाथ है। मंदिर के बाहर ही आचार्य केसरी के चरण बने हुये हैं। मान्यता है कि आचार्य यहीं जैन धर्म में दीक्षित हुये थे । क्षेत्र से 4 किमी. पर प्राचीन किला है। मान्यता है कि इस पांचाल जनपद के शासक द्रोण थे और कम्पिल के द्रुपद |नगर का ‘अहिच्छत्र नाम सर्प द्वारा पाश्र्वनाथ के उपर छत्र लगाने के कारण पड़ा।

OTHER DETAILS 

प्राचीन मंदिर के पास रोड पर श्री अहिच्छत्र दिग. जैन ज्ञानतीर्थ मंदिर का निर्माण हुआ है। आवासीय एवं भोजन सुविधा है।